कांग्रेस के लिए वोट बैंक ज्यादा महत्वपूर्ण था, मुस्लिम महिलाओं का जीवन नहीं!

Triple Talaq Act, Muslim Women Rights Day

देश में तीन तलाक कानून के एक साल होने के अगले दिन ही केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिला अधिकार दिवस मनाया। इस दौरान मोदी सरकार के तीन बड़े मंत्री रविशंकर प्रसाद, मुख्तार अब्बास नकवी औऱ स्मृति ईरानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इस मौके पर मुस्लिम महिलाओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और यूपी के अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी ने कहा कि 1980 के दशक में कांग्रेस के पास मुस्लिम बहनों के हक में फैसला करने का मौका था, लेकिन उनके लिए वोट ज्यादा महत्वूपर्ण था मुस्लिम बहनों का जीवन नहीं।

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ईरानी ने किया पीएम मोदी का गुणगान!

स्मृति ईरानी ने कहा कि सही जंग उन बहनों ने लड़ी, जिन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिन्होंने इस नाइंसाफी से सभी के लिए जंग लड़ी।  उन्होंने कहा कि आज का दिन सिर्फ मुसलमान बहनों का दिन नहीं है, बल्कि हर महिला का दिन है, जो चाहती है कि महिलाओं को हर दिन समाज में सम्मान मिले। उन्होंने कहा, माना जाता है कि महिलाओं की लड़ाई महिलाएं लड़ती है लेकिन हमारे देश का इतिहास रहा है, सभ्यता और परंपरा रही है कि जब कोई कुरीति समाज के सामने प्रस्तुत होती है, तो भाई भी अपना योगदान देने से चूकते नही।

केंद्रीय मंत्री ईरानी ने कहा कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद और संसद के बाहर मुस्लिम महिलाओं के अधिकार के लिए जंग छेड़ दी। आज का दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने का दिन है, जिनकी वजह से देश की मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से छुटकारा मिल सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में 2014 से बड़े बदलाव लाने में सफल हुए हैं।

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मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पर बोला हमला

दूसरी ओर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी 1986 के शाहबानो केस का हवाला देते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा, कुरीति से मुक्त करने का दिन भारत के इतिहास में मुस्लिम महिला अधिकार दिवस के रुप में दर्ज हो चुका है। यह दिन भारतीय लोकतंत्र और संसदीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों का हिस्सा रहेगा। उन्होंने कहा कि तीन तलाक को अपराध बनाने वाला कानून, मुस्लिम महिलाओं के आत्म निर्भरता, आत्म सम्मान, और आत्म विश्वास को पुख्ता करने वाला है।

मुख्तार अब्बास नकवी ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने तीन तलाक की कुप्रथा, कुरीति को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं के संवैधानिक-मौलिक-लोकतांत्रिक एवं समानता के अधिकारों को सुनिश्चित किया है। उन्होंने दावा किया कि कानून बनने के बाद इन घटनाओं में 82 फीसदी से ज्यादा की कमीं आई है। बता दें, तीनों मंत्रियों ने वाराणसी, लखनऊ, मुंबई औदि स्थानों की मुस्लिम महिलाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। सभी महिलाओं ने कानून को लेकर अपने अनुभव भी साझा किया।

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