प्रतापगढ़: पत्नी के साथ धरने पर बैठे SDM संस्पेंड, डीएम के भ्रष्टाचार की खोली थी पोल!

PRATAPGARH SDM SUSPENDED

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक अधिकारी की तस्वीर बहुत जोरो से शेयर की जा रही है। तस्वीर में जो अधिकारी है, वो प्रतापगढ के एसडीएम (एडिशनल) विनीत उपाध्याय जिलाधिकारी के ऑफिस में धरना देते नजर आ रहे हैं। विनीत उपाध्याय का आरोप है कि वो अफसरों द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों की पोल खोल रहे है इसलिए उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। विनीत ने डीएम डॉ. रूपेश कुमार, एडीएम शत्रुघ्न और एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता पर जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर भ्रष्‍टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।

SDM विनीत उपाध्याय निलंबित

ताज़ा खबर के अनुसार अब विनीत उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। विनीत पर ये कार्रवाई अनुशासनहीनता दिखाने के तहत हुई है। जिसके बाद इस मामले की जांच को प्रयागराज के मालायुक्त को सौंप दिया गया है। जांच पूरी होने तक विनीत निलंबित ही रहेंगे।

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क्या है पूरा मामला?

दरसअल मामला शहर के लालगंज इलाके में हुए जमीन के अवैध पट्टा आवंटन का था। विनीत उपाध्याय के मुताबिक लालगंज के ददुआ गाजान इलाके में गैरकानूनी तरीके से जमीन की खरीद हुई थी। इस अवैध तरीके से स्कूल की जगह पर कराए गए पट्टे को लेकर उन्‍होंने रिपोर्ट तैयार की थी। जांच में पाया गया कि जिस जगह पर विद्यालय होने के लिए अनुमति ली गई, वहां विद्यालय न संचालित करके दूसरी जगह चलाया जा रहा है।

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इस बात का खुलासा विनीत उपाध्याय ने अपनी जांच में किया और जब इस जांच की रिपोर्ट बनाकर एसडीएम विनीत उपाध्याय ने अपने सीनियर अधिकारी को सौंपी, तो उन्होंने उस रिपोर्ट को आगे ट्रांसफर नहीं किया। जिसके बाद से उन्होंने जिलाधिकारी मोहनलाल गुप्ता पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया है और ये भी कहा है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है। जिसके चलते विनीत अपनी पत्नी सहित जिलाधिकारी के सरकारी आवास पर करीब 4 घण्टे तक शान्तिपूर्ण धरना दिया है। आपको बता दें कि विनीत उपाध्याय की छवि एक ईमानदार और कर्मठ अधिकारी की है जिसके चलते वो हर जगह चर्चा में रहते हैं।

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