बीजेपी राज्यसभा सांसदों का विलय कराए तो सही, कांग्रेस विधायको का विलय कराए तो गलत कैसे?

Ashok Gehlot Government, Rajasthan Politics

राजस्थान में सियासी पारा उफान पर है, कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई में बीते दिनों मायावती की भी एंट्री हो गई। मायावती ने बीएसपी के विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बीएसपी की इस कदम पर कांग्रेस नेताओं ने कई तरह की प्रतिक्रिया दी। कुछ नेताओं ने तो बीएसपी को बीजेपी की बी टीम भी बता दिया। इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मायावती के इस कदम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मायावती के बहाने बीजेपी को निशाने पर लिया है। गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 4 सांसदों का मर्जर कराती है तो सही और हमने करावाया तो गलत कैसे हो गया।

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बीजेपी में हुआ था राज्यसभा सांसदों का विलय

सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का चाल चरित्र कहां गया, मैं पूछना चाहता हूं। पिछले साल जून में टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया था, जिसे लेकर अशोक गहलोत ने सवाल उठाए। सीएम ने कहा कि राज्यसभा में अगर विलय ठीक है तो यहां विधानसभा में गलत कैसे हो गया। आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी से बीजेपी में शामिल हुए चार राज्यसभा सांसदों में दो सांसदों को बीजेपी आंध्रप्रदेश का माल्या बताती थी। तब उनके बीजेपी में विलय पर मायावती ने भी सवाल उठाए थे। लेकिन मौजूदा समय में बीएसपी से कांग्रेस में विलय करने वाले 6 विधायकों के मामले को लेकर बीएसपी हाईकोर्ट पहुंच गई है।

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पिछले साल कांग्रेस में शामिल हुए थे BSP विधायक

दरअसल, राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के बाद कांग्रेस पार्टी सत्ता मे बहुमत के लिए संघर्ष कर रही थी तब बीएसपी ने उन्हें समर्थन देने का फैसला किया था। जिसके बाद कांग्रेस ने अन्य निर्दलीय और छोटे दलों को मिलाकर बहुमत का आंकड़ा पार किया था और अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। लेकिन पिछले साल बीएसपी के सभी छह विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

सिंतबर महीने में बीएसपी के सभी छह विधायकों ने स्पीकर सीपी जोशी को पत्र लिखकर बीएसपी विधायक दल को कांग्रेस में विलय को मंजूरी देने के आवेदन दिया था। उसे स्वीकार भी कर लिया गया था। इस मामले के बाद बीएसपी सुप्रिमो मायावती ने कांग्रेस को धोखेबाज कहा था और सीएम गहलोत पर कई तरह के आरोप लगाए थे।

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14 अगस्त से शुरु होने वाला है विधानसभा सत्र

बता दें, पिछले दिनों बीएसपी ने कांग्रेस में विलय कर चुके विधायकों को व्हिप जारी किया था और कांग्रेस के खिलाफ वोट करने का कहा था। जिसके बाद कांग्रेस में शामिल हुए बीएसपी विधायकों ने कहा था कि अब वो कांग्रेस का हिस्सा हैं और अशोक गहलोत ही उनके नेता हैं, ऐसे में बीएसपी का व्हिप उनपर मान्य नहीं होता। इस मामले को लेकर बीएसपी राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गई है।

कोर्ट ने बागी विधायकों और स्पीकर को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होने वाली है। दूसरी ओर प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से जारी किए गए नियमों और शर्तों के साथ 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा सत्र शुरु होने वाला है।

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