मंदी की चपेट में आया पेटीएम, हुआ करोड़ो का नुकसान

डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम को भारी नुकसान हुआ है। पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन को पिछले वित्त वर्ष में भारी घाटा हुआ था। कंपनी को 4,217 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसमें पेटीएम मनी, पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज, पेटीएम एंटरटेनमेंट सर्विसेज आदि के कारोबार को शामिल किया है। कंपनी की सालाना रिर्पोट के मुताबिक पिछले साल कंपनी को 1,604.34 रुपय का घाटा हुआ था। वहीं इस साल कंपनी को अबतक दोगुना से ज्यादा घाटा हुआ है।

कंपनी का कहना है आय के साथ खर्च भी बढ़ा

कंपनी ने सालाना रिर्पोट में कुल आय का ब्यौरा दिया है। कंपनी का कहना है कि कुल आय 8.2 फीसदी बढ़कर 3,579.67 करोड रुपये तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ खर्च भी दोगुना हुआ है 7,730.14 करोड़ रुपये है।

कंपनी ने कहा कि ‘ब्रैंड तैयार करने और कारोबारी गतिविधि मजबूत करने के लिए कंपनी को भारी पूंजीगत व्यय करना पड़ा है। कई पूंजीगत और संचालनात्मक खर्चों के लिए हमें भारी राशि लगानी पड़ी जिसकी वजह से वित्त वर्ष के दौरान घाटा हुआ है।’

वन97 कम्युनिकेशंस में पेटीएम के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर विजय सिंह का कहना है कि भारी घाटे के बावजूद कंपनी अगले दो साल में बाजार में पूंजी बढ़ाने के लिए आईपीओ लाने पर विचार कर रही है। 2018 में कई अमेरिकी कंपनियों ने निवेश किया है। अमेरिकी कंपनी बर्कशायर ने 30 करोड़ पूजीं का निवेश किया है। सॉफ्टबैक और अलीबाबा जैसी बड़ी विदेशी कंपनियां लगातार निवेश कर रही है।

पेटीएम ने डिजीटल भुगतान को बढ़ावा

डिजीटल पेंमेट कंपनी ने पी2पी (पीयर टू पीयर) लेन देन को हटाकर मनी ट्रांसफर को मजबूती दी है। कंपनी ने किराना स्टोर, रेस्टोरेंटों, कम्यूट और अन्य दैनिक खर्चो के लिए डिजिटल भूगतान को बढ़ावा दिया है। पेटीएम ने 1.4 करोड़ खुदारा दुकानो को स्वीकार किया जाता है। पेटीएम ने यूजर्स को क्यूआर कोड को स्कैन करना सिखाने के लिए बड़ा अभियान जारी किया है। जिससे यूजर्स पेटीएम एप से तुरंत भुगतान कर सके।

कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “हमारे नवीनतम नवाचार ने यूजर्स को तत्काल भुगतान के लिए पेटीएम एप का उपयोग करके किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन करने में सक्षम किया है। इससे व्यापारी भुगतानों के लिए समग्र लेन-देन में वृद्धि हुई है और छोटे शहरों और कस्बों में इसे और अधिक स्वीकृति मिली है।”