NEET Results 2020: आकांक्षा को भी मिले पूरे अंक, तो फिर शोएब ही क्यों चुने गए टॉपर? जानिए वजह…

मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी NEET का रिजल्ट आ चुका है, और इस बार NEET में टॉप करने वाले छात्र में न केवल अपने परिवार का, बल्कि राज्य का नाम भी रोशन किया है।

शोएब आफताब ने किया टॉप

इस बार नीट परिक्षा में ओडिशा के शोएब आफताब ने टॉप किया है। उन्होंने 720 में से 720 अंक हासिल किए है। शोएब का टॉप करना उनके राज्य के लिए भी इतिहास है, क्योंकि आज तक ओडिशा का कोई छात्र टॉप नही कर पाया था।

ढाई साल से नहीं गए घर

टॉप करने के बाद शोएब ने कहा कि वो अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देते है। जिन्होंने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। शोएब आफताब के पिता शेख मोहम्मद अब्बास व्यवसायी और मां सुल्ताना रजिया गृहणी हैं।

शोएब का अपनी पढ़ाई और डॉक्टर बनने के प्रति उनकी लगन का ही नतीजा था कि वो पिछले ढाई साल से अपने घर नही गए थे। वो कोटा में ही रह रहे थे। यहां तक कि कोरोना संकट के दौरान जब सभी अपने अपने घर जा रहे थे। तब भी शोएब ने कोटा में रहने का फैसला किया। इस वक्त में शोएब की मां उनके साथ रहती थी। उन्होंने कभी शोएब को अकेला नही छोड़ा।

इस वजह से आकांक्षा नहीं बनी टॉपर

हालांकि बताते चले कि शोएब के साथ साथ दिल्ली की एक और छात्रा आकंक्षा सिंह को भी 720 में 720 अंक मिले थे, लेकिन वो सेकेंड रेंक पर है। एक समान अंक होने के बाद भी अकांक्षा को सेकेंट रेंक मिलने की पीछे की वजह है शोएब की उम्र अंकाक्षा से ज्यादा। ये नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी की पॉलिसी है कि अगर कोई दो छात्र एक समान अंक लाते है तो उनमें से टॉप रेंक देने के लिए पहले फिजिक्स, कैमिस्ट्री के नंबर की तुलना की जाती है। उसके बाद गलत उत्तर की जांच की जाती है। और जब इससे भी रिजल्ट सामने नही आता है तो उम्र के आधार पर रैकिंग दी जाती है। और इसीलिए शोएब आफताब को टॉप रैंकिंग दी गई है।