बदला नहीं, शिक्षा मंत्रालय को पुराना ही नाम मिला है वापस, 35 साल पहले राजीव गांधी ने किया था ये बड़ा बदलाव

RAJIV GANDHI HRD MINISTRY, HRD MINISTRY NAME CHANDGED

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. वहीं इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) के नाम को भी बदल दिया गया है. इसका नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. नई शिक्षा नीति को लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है. कई लोगों का ऐसा मानना है कि इस नीति के आने से शिक्षा व्यवस्था में कई बदलाव होंगे, तो कुछ लोगों का कहना कुछ और है.

शिक्षा मंत्रालय बना था HRD

वैसे हम आपको बता दें कि मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय के नाम को बदला नहीं गया है, बल्कि इस पुराना नाम ही वापस दिया गया है. जी हां, 35 साल पहले राजीव गांधी सरकार के दौरान 1985 में शिक्षा मंत्रालय के नाम को बदलकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय कर दिया गया था.

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1984 में प्रधानमंत्री बनने के बाद राजीव गांधी कई क्षेत्रों में बदलाव करना चाहते थे. इस दौरान उनको किसी सलाहकार ने शिक्षा मंत्रालय का नाम बदलने का सुझाव दिया था, जिसे राजीव गांधी ने स्वीकार कर लिया. उस दौरान इसका नाम बदलने के लिेए ये तर्क दिया गया था कि देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सभी विभागों को एक छत के नीचे लाया जाना चाहिए.

1985 में राजीव गांधी ने बदला था नाम

26 दिसंबर 1985 को शिक्षा मंत्रालय का नाम बदलकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय कर दिया गया था. इस दौरान पी वी नरसिम्हा राव को इस विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया था. उस दौरान खेल, युवा और संस्कृति जैसे संबंधित विभागों को भी इसी मंत्रालय के तहत लाया गया. साथ ही इनके लिए राज्य मंत्री भी नियुक्त किए गए. यहां तक कि उस दौरान महिला और बाल विकास विभाग भी इसी मंत्रालय के अंतर्गत एक विभाग था, लेकिन 30 जनवरी 2006 से इसका एक अलग मंत्रालय बन गया.

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उस दौरान राजीव गांधी के फैसले का कई लोगों ने विरोध किया था. इसके बाद 1986 में राजीव गांधी की सरकार ने नई शिक्षा नीति को भी मंजूरी दे दी थी. ये देश के इतिहास में दूसरी शिक्षा नीति थी और यही शिक्षा नीति अब तक चल रही थी, जिसे अब मोदी सरकार ने बदला है.

वाजपेयी सरकार के दौरान हुए ये बदलाव

वैसे बता दें कि राजीव गांधी ने जिस तर्क के साथ शिक्षा मंत्रालय के नाम को बदला और मानव संसाधन विकास मंत्रालय किया था, वो ज्यादा समय तक चला नहीं. साल 1998 में अटल सरकार के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्रालय को छोटा करने का फैसला लिया. इसके बाद साल 1999 में HRD मंत्रालय से संस्कृति विभाग को अलग कर दिया गया और संस्कृति मंत्रालय बना दिया गया. वहीं इसके अलावा इससे युवा विभाग को भी अलग कर दिया गया था.

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