ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा के नामांकन में अपनी आपराधिक जानकारियां छिपाई थी?

Rajya Sabha MP Jyotiraditya Scindia, Madhya Pradesh Politics

मध्यप्रदेश की राजनीति के बड़े चेहरों में शुमार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च महीने में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया था। जिसके फलस्वरुप प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार धराशायी हो गई थी। सिंधिया बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में बीजेपी शामिल हो गए थे और बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा सांसद भी बना दिया। साथ ही उनके समर्थक विधायकों ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया और मौजूदा समय में सिंधिया समर्थक कई नेता शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री भी बन चुके हैं। इसी बीच राज्यसभा सदस्य के रुप में निर्वाचित बीजेपी नेता सिंधिया के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

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कांग्रेस नेता ने दायर की याचिका

बीते दिन शुक्रवार को मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक डॉ गोविंद सिंह ने याचिका दायर की है। कांग्रेस नेता के वकील संजय अग्रवाल और अनुज अग्रवाल ने बताया, इस याचिका में कहा गया है कि सिंधिया ने राज्यसभा के लिए दाखिल नामांकन के दौरान शपथ पत्र में गलत जानकारियां दी और तथ्यों को छिपाया। सिंधिया ने अपने ऊपर भोपाल में पूर्व से दर्ज आपराधिक प्रकरण की जानकारी शपथ पत्र में नहीं दी, जो कि पूर्णता विधि विरुद्ध और माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के विपरीत है।

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रीप्रजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट के प्रावधानों का हवाला

कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने मीडिया को बताया कि सिंधिया द्वारा तथ्यों को छुपाकर शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, इसलिए उनका निर्वाचन रद्द होना चाहिए। कांग्रेस नेता की ओर से जारी याचिका में दलील दी गई है कि रीप्रजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक चुनावी नामांकन में जानकारियां छिपाने वाला कोई भी उम्मीदवार निर्वाचित नहीं माना जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के खिलाफ साल 2018 में भोपाल के एक थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था जिसे दिग्विजय सिंह ने अपने नामांकन में बताया है लेकिन सिंधिया ने यह जानकारी छिपाई है।

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…राजनीति को जनसेवा नहीं व्यवसाय समझते हैं

बता दें, राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 20 राज्यों के 61 में से कुल 45 विधायकों ने 22 जुलाई को राज्यसभा सदस्य के रुप में शपथ ग्रहण किया। उन्होंने दल बदल कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं का हवाला देते हुए सिंधिया को निशाने पर लिया। गोविंद सिंह ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में वहीं लोग जा रहे हैं, जो राजनीति को जनसेवा नहीं, व्यवसाय समझते हैं। उनका इशारा ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए उन 25 विधायकों की ओर था जिन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया था।

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