Hathras Case: 14 सिंतबर के CCTV फुटेज खंगालने जिला अस्पताल पहुंची थीं सीबीआई, हुए डिलीट, जानिए वजह…?

HATHRAS CASE CCTV

हाथरस मामले में बुरी तरह से घिरने के बाद योगी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। इस केस का सच सामने लाने के लिए सीबीआई काफी तेज से जांच कर रही हैं। जहां एक ओर पीड़ित लड़की का परिवार लगातार इंसाफ की गुहार लगा रहा हैं, वहीं इस मामले में कई और भी चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। हाथरस कांड की पूरी सच्चाई क्या हैं, वहीं सीबीआई सबसे सामने लाने में जुटी हुई है।

CBI जांच में आई तेजी

बीते 2 दिनों से सीबीआई की जांच में काफी तेजी देखने को मिल रही हैं। मंगलवार को सीबीआई टीम ने क्राइम सीन, जहां पीड़ित का अंतिम संस्कार हुआ, वहां जाकर काफी देर तक जांच की और कुछ सबूत भी जुटाए। वहीं सीबीआई ने बुधवार को पीड़िता के भाई और पिता से घंटों तक पूछताछ की थी।

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अस्पताल पहुंची टीम को नहीं मिल पाए CCTV फुटेज

इसके अलावा सीबीआई की टीम उस अस्पताल भी पहुंची जहां पर पीड़िता को घटना के बाद जाकर जाया गया था। सीबीआई यहां से घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज लेना चाहती थी, लेकिन वो हासिल नहीं कर पाई। दरअसल, उन फुटेज का बैकअप नहीं था, जिसके कारण वो डिलीट हो गई और अस्पताल से सीबीआई को खाली हाथ लौटना पड़ा।

इसके बारे में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इंद्रवीर सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने उस समय के फुटेज को नहीं लिया था। घटना के एक महीने बाद उन सीसीटीवी फुटेज बैकअप में नहीं है। उन्होनें कहा कि अगर अस्पताल प्रशासन को फुटेज रखने के लिए कहा जाता हैं, तो वो उसे रख लेते हैं। हर 7 दिनों में पिछला फुटेज डिलीट हो जाता हैं और नए फुटेज रिकॉर्ड होते हैं।

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सबसे पहले पीड़िता को इसी अस्पताल में लाया गया था

आपको बता दें कि 14 सितंबर को पीड़िता को सबसे पहले इसी जिला अस्पताल में लाया गया था और इसके बाद अलीगढ़ में रेफर किया था। फिर जब पीड़ित लड़की की हालत बिगड़ने लगी तो उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां 29 सितंबर को उसने दम तोड़ दिया।

इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और यूपी पुलिस और सरकार की काफी आलोचना भी हुई। बढ़ते विवाद को देखकर योगी सरकार एक्शन में आई। जिसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों को संस्पेंड किया गया। साथ ही मामले की SIT जांच भी कराने के आदेश दिए गए। इसके अलावा इसी बीच यूपी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से भी कराने के निर्देश दिए।

वहीं हाथरस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद कोर्ट में भी हुई। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रशासन को पीड़िता का जिस तरह अंतमि संस्कार किया गया, उस पर काफी फटकार लगाई। कोर्ट ने ADG प्रशांत कुमार से पूछा कि अगर आपकी बेटी इस जगह होती, तो क्या तब भी बिना चेहरे उसका ऐसे अंतिम संस्कार होने देते?

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