हाथरस केस का ‘सच’ सामने लाने में जुटी CBI, क्राइम सीन समेत इन जगहों पर की जांच, जानिए सभी बड़े अपडेट्स

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हाथरस कांड को लेकर एक के बाद एक कई बड़े चौंकाने वाले दावे किए जा रहे थे। इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और यूपी पुलिस बुरी तरह से विवादों में घिर गई थी। सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। जिस दौरान हाई कोर्ट ने योगी सरकार को जमकर फटकार लगाई। वहीं सरकार ने पहले ही मामले की जांच सीबीआई को सौंप चुकी है।

एक्शन मोड में आई CBI

मंगलवार को हाथरस मामले की जांच में CBI एक्शन मोड में दिखी। सीबीआई की टीम मंगलवार को बुलगढ़ी गांव पहुंची और यहां अलग-अलग इलाकों में जाकर तफ्तीश की। आइए आपको इस केस में सीबीआई की आज की जांच के सभी बड़े अपडेट्स के बारे में बताते हैं…

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चार घंटों तक गांव में CBI ने की जांच

हाथरस मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम मंगलवार सुबह बुलगढ़ी गांव पहुंची। उस दौरान फॉरेंसिक टीम के अफसर भी साथ में मौजूद थे। CBI की टीम ने क्राइम सीन की वीडियोग्राफी की। इसके साथ ही मुख्य सड़क से क्राइम सीन की दूरी को भी नापा। घटनास्थल से CBI और फॉरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठे किए।

इस दौरान उन्होनें वहां पीड़िता की मां और भाई को भी बुलाया। क्राइम सीन के बाद सीबीआई की टीम वहां पहुंची, जहां पीड़िता का अंतिम संस्कार हुआ था। सीबीआई ने इस पूरी जगह का जायजा लिया। इसके बाद टीम पीड़िता के घर पर पहुंची और वहां परिजनों से बातचीत की और फिर CBI अपने साथ पीड़िता के बड़े भाई को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर चली गई। मंगलवार को सीबीआई की टीम ने 4 घंटे के करीब का वक्त गांव में बीताए और तीन अलग-अलग जगहों पर जाकर मामले की जांच की।

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हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कही थी ये बाते…

आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को हाथरस मामले को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। पीड़ित लड़की का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने से लेकर बिना परिवार की इजाजत के जिस तरह उसका अंतिम संस्कार हुआ, उस पर हाई कोर्ट ने फटकार भी लगाई। इस दौरान कोर्ट ने ADG प्रशांत कुमार से पूछा कि अगर आपकी बेटी इस जगह होती, तो क्या तब भी बिना चेहरे उसका ऐसे अंतिम संस्कार होने देते? साथ ही कोर्ट ने डीएम से ये भी पूछा कि अगर किसी बड़े आदमी की बेटी होती, तो क्यो वो उसको इस तरह जलाते?

वहीं रात में अंतिम संस्कार करने पर जिलाधिकारी (DM) ने कहा कि ये फैसला उनका था। डीएम ने कहा कि दिल्ली में लड़की के शव को पोस्टमार्टम के बाद 10 घंटों तक रखा गया। गांव में भीड़ लगातार बढ़ रही थी। लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने के खतरे की वजह से ऐसा किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने पूछा कि क्या फोर्स को बढ़ाकर सुबह तक का इंतेजार नहीं किया जा सकता है। केस की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

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