चीन को झटके पर झटका! अब ये फुटवियर कम्पनी कारोबार समेटकर आएगी भारत, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

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इन दिनों कई बड़ी-बड़ी कम्पनियां चीन से अपना कारोबार समटने की तैयारी में है. मोबाइल उपकरण बनाने वाली कम्पनी लावा इंटरनेशनल के बाद अब एक और कम्पनी चीन को झटका देने की तैयारी में है. दुनिया में 80 से अधिक देशों में फुटवियर्स की सप्लाई करने वाली जर्मन कम्पनी Von Wellx अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शिफ्ट करके भारत आएगी. ये कम्पनी उत्तर प्रदेश के आगरा में यूनिट लगाएगी.

जर्मन फुटवियर कम्पनी आएगी आगरा

पहले चरण में ये कम्पनी 110 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. आगरा में लगने वाली यूनिट में हर साल लगभग 30 लाख जोड़ी जूते बनाएगी. इस कम्पनी ने भारत में शिफ्ट होने से 10 हजार के करीब नौकरियां पैदा होगी. इसके लिए जर्मन फुटवियर कम्पनी ने लैट्रिक इंडस्ट्रीज (Latric Industries) के साथ मिलकर काम करेगी. ये पूरा निवेश कम्पनी अगले दो साल में करेगी.

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ये ब्रैंड साल 2019 में लॉन्च हुई थी और दुनियाभर में इसके 500 रियेल स्टोर है. Von Wellx कम्पनी स्वास्थ्य के अनुकूल फुटवियर बनाने के लिए जानी जाती है. इस कम्पनी के प्रोडेक्ट से पैरों, घुटने, कमर दर्द से आराम देने का काम करते हैं. इसके अलावा ये मसल्स को भी शॉक से बचता है. दुनियाभर के 80 देशों में इसके करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं. रियल स्टोर के अलावा कम्पनी के प्रोडेक्ट की ब्रिकी ऑनलाइन भी होती है.

चीन छोड़ने की ये है वजह…

इस कम्पनी के चीन से अपना कारोबार समेटकर भारत आने के पीछे कई कारण है. दरअसल, भारत में सस्ती और स्किल्ड लेबर मिलती है. इसके अलावा यूपी सरकार द्वारा निवेश को लेकर दी जाने वाली राहतें भी इसकी एक बड़ी वजह है. वहीं जूता बनाने के लिए जरूरी रॉ मेटिरियल भी उपलब्ध है. इसके अलावा ताजनगरी आगरा फुटवियर निर्माण का एक बड़ा केंद्र है. यही वजह है कि कम्पनी ने अपने यूनिट के लिए इस जगह को चुना है.

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लावा ने भी भारत आने का लिया फैसला

इससे पहले मोबाइल उपकरण बनाने वाली घरेलू कम्पनी लावा भी चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी में है. कम्पनी की ओर से कहा गया है कि वो अपना कारोबार समेट कर भारत जाएगी. गौरतलब है कि भारत में किए गए नीतिगत बदलावों के बाद कम्पनी ने ये कदम उठाया. कम्पनी ने CMD ने कहा कि उनका सपना है कि वो चीन को भारत से मोबाइल निर्यात करें. अगले 5 सालों में इस कंपनी ने योजना बनाई है कि वो अपने मोबाइल फोन डिवेलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग परिचालन को बढ़ाने के लिए 800 करोड़ रुपये निवेश करेगी.

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