चीन में कोरोना वायरस 2.0 फैलने का डर! अब रूप बदलकर लोगों को संक्रमित कर रही ये महामारी

चीन में कोरोना वायरस अब दूसरा रूप ले रहा है। वहां मिल रहे नए मरीजों में कोरोना के अलग तरीके के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इससे ये दावा किया जा रहा है कि समय के साथ कोरोना अपना व्यवहार बदल रहा है।

corona virus modifying itself in china

चीन में कोरोना वायरस अब दूसरा रूप ले रहा है। वहां मिल रहे नए मरीजों में कोरोना के अलग तरीके के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इससे ये दावा किया जा रहा है कि समय के साथ कोरोना अपना व्यवहार बदल रहा है। जिसकी वजह से नए मरीज कम समय में ठीक हो पा रहे हैं। जबकि पुराने मरीजों के साथ ऐसा नहीं था। नये मरीजों में लंबे समय तक कोरोना के विषाणु टिके हुए हैं।

मरीजों में बुखार के लक्षण कम

एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि वुहान के मुक़ाबले नये मरीजों को ठीक होने में ज्यादा समय लग रहा है। इसके अलावा नये मरीजों में बुखार के लक्षण बहुत कम नज़र आ रहे हैं। ये सीधा इंसान के फेफड़ों पर अटैक कर रहा है। बता दें कि शुरुआत में WHO ( विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने इस महामारी के लक्षण बुखार, खांसी, जुखाम आदि बताए थे जो कोरोना के नए पेशेंट्स में नज़र नहीं आ रहे हैं।

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क्या ये कोरोना के दूसरे चरण के संकेत ?

हाल ही में चीन के दो उत्तर पूर्वी प्रान्तों में कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। इससे माना जा रहा है कि कहीं ये कोरोना का दूसरा वर्जन तो नहीं है। ज्यादा समय में रिकवरी होना दूसरे मरीज में वायरस के प्रसार का खतरा और ज्यादा बढ़ाता है। ऐसे लोग अपने परिवार के साथ कोरोना का ख्याल नहीं रख रहे जिससे पूरा परिवार इसके संक्रमण की चपेट में आ जाता है।

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लगातार विकसित हो रहा वायरस

लॉस एलमोस नैशनल लेब्रोटरी का कहना है कि इस वायरस की कोई एक नस्ल और ज्यादा संक्रामक हो सकती है। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि ये वायरस लगातार बदलने वाला एक टार्गेट है। ये लगातार विकसित होकर अपना रूप बदल रहा है। बता दें कि चीन में कोरोना की टेस्टिंग अभी भी चालू है जिसमें इसके संक्रमण के 16 नए मामले सामने आए हैं। इसमें से 15 महामारी का केंद्र रहे वुहान से ही हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि मंगलवार को पाँच मामलों की पुष्टि हुई और 16 ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें इस बीमारी के लक्षण ही नहीं थे। एनएचसी ने बताया कि 368 बिना लक्षण वाले लोग निगरानी में हैं। बिना लक्षण वाले मामलों को ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।