पावर का दुरुपयोग कर रहे दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल!

Coronavirus Pandemic, Delhi Government targets LG Anil Baijal

कोरोना वायरस महामारी के बीच भी दिल्ली की केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली सरकार काफी पहले से ही उपराज्यपाल पर उनके (केजरीवाल सरकार) फैसलों में टांग अड़ाने की बात कहते आ रही है। केजरीवाल सरकार इन मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुकी है।

तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उपराज्यपाल केवल दुर्लभ मामलों में ही दखल दे सकते हैं, लेकिन राज्य में स्थिति इससे अलग ही दिखाई दे रही है। इसी बीच अनिल बैजल के कुछ फैसलों पर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है और कहा है कि उपराज्यपाल संविधान में दिए गए अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

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सिसोदिया के निशाने पर राज्यपाल

बीते दिन शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के उत्तरी दिल्ली हिंसा से संबंधित मामलों पर अदालत में बहस करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा नियुक्त वकीलों के पैनल को अधिसूचित करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पावर का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। साथ ही होटल और साप्ताहिक बाजारों को खोलने के दिल्ली सरकार के आदेश को निरस्त किए जाने के बाद उपराज्यपाल कार्यालय और दिल्ली सरकार के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है।

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राज्यपाल ने कहा- खतरा अभी बना हुआ है

दरअसल, दिल्ली में हालात सामान्य होने की ओर अग्रसर हो चले हैं। प्रदेश की जनता को शर्तों के साथ काफी रियायते भी दी गई है। दिल्ली सरकार अब प्रदेश में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए प्रयासरत है। बीते दिनों दिल्ली सरकार ने होटल और साप्ताहिक बाजारों को खोलने के आदेश दिए थे, जिसे राज्यपाल अनिल बैजल ने निरस्त कर दिया। जिसके बाद उपराज्यपाल एक बार फिर से दिल्ली सरकार के निशाने पर आ गए। मामले को बढ़ता देख उपराज्यपाल ऑफिस की ओर से बताया गया कि इस मामले में उपमुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई थी और सहमति बनी थी कि राजधानी में महामारी की स्थिति में सुधार जरुर हो रहा है लेकिन अभी भी स्थिति नाजुक है और खतरा भी बना हुआ है, इसलिए सतर्क रहने की जरुरत है।

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अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना सर्वोच्च प्राथमिकता

दिल्ली सरकार का कहना है कि बिना इसके विस्तार में गए यदि उपराज्यपाल इस विषय पर स्वीकारोक्ति देते हैं तो दिल्ली सरकार पुनर्विचार के लिए उनके पास प्रस्ताव भेज सकती है। साथ ही केजरीवाल सरकार का कहना है कि कोरोना रोकना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है और हम सतर्क भी हैं। लेकिन अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना भी दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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दिल्ली में रिकवरी रेट काफी बेहतर

बता दें, देश के अन्य राज्यों के मुकाबले दिल्ली में रिकवरी रेट काफी बेहतर हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कोरोना के कुल मामले 1,35,598 पहुंच चुके हैं। उनमें से 1,20,930 लोगों का सफल इलाज किया जा चुका है और 3963 लोगों की मौत हुई है। राज्य में कोरोना के एक्टिव मामले 10,705 है। वहीं, पूरे देश में कोरोना के मामले 17 लाख के करीब पहुंच चुके हैं। उनमें से 10,94,374 लोगों का सफल इलाज किया जा चुका है जबकि 36511 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में रिकवरी रेट 64.53 फीसदी पहुंच गया है।

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