कोरोना का असर: अब ओला के कर्मचारियों पर गिरी गाज, 1400 लोगों को नौकरी से निकालेगी कम्पनी

OLA to lay off 1,400 employees, corona effect

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का असर दुनियाभर पर पड़ रहा है. ना सिर्फ ये महामारी लोगों की जान ले रही बल्कि इससे अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए कई देशों में लॉकडाउन लागू किया गया. लॉकडाउन की वजह से सभी कामकाज ठप पड़ गया और इस दौरान कई कम्पनियों को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में कई कम्पनियों ने अब अपने कर्मचारियों की छंटनी करना शुरु कर दिया है.

Ola करेगी कर्मचारियों की छंटनी

हाल ही में उबर ने हजारों की संख्या में अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. उबर के बाद अब एक और कैब सर्विस कम्पनी भी बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी करने की तैयारी में है. ओला ने 1400 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का ऐलान कर दिया है. कम्पनी का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से उनके कारोबार को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और इसी के चलते उन्होनें कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया है. ये कुल कर्मचारियों की संख्या का लगभग 25 फीसदी हिस्सा है.

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आमदनी में 95 फीसदी की आई गिरावट

कम्पनी के CEO भाविश अग्रवाल ने कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर इस फैसले के बारे में बताया है. ईमेल में CEO अग्रवाल ने कर्मचारियों से कहा है कि व्यापार का भविष्य काफी अस्पष्ट और अनिश्चित है. ये साफ है कि जो मौजूदा हालात चल रहे हैं उसका असर लंबे वक्त तक रहेगा. उन्होनें आगे कहा कि हमारे उद्योग में भी कोरोना वायरस का असर बहुत खराब रहा है. बीते 2 महीनों से हमारी कमाई में 95 फीसदी की कमी आई है.

अग्रवाल ने आगे कहा कि कोरोना संकट में सबसे बड़ा नुकसान कम्पनी के लाखों ड्राइवर और उनके परिवार की आजीविका पर पड़ा है. वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से पिछले दो महीनों में सवारी, वित्तीय सेवाओं और खाद्य कारोबार से आमदनी घटी है और इसलिए कम्पनी ने कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया है. हालांकि अग्रवाल ने ईमेल में ये भी कहा कि हर प्रभावित कर्मचारी को नोटिस अवधि के बावजूद उनको तीन महीने की निर्धारत सैलरी दी जाएगी.

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कई कम्पनियां कर चुकीं है छंटनी का फैसला

इससे पहले खाना डिलिवर करने वाली कम्पनियां स्विगी और जोमैटी भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती का ऐलान कर चुकी है. वहीं उबर ने भी बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. उबर अब तक 25 फीसदी स्टाफ को निकाल चुकी है. इसके अलावा कम्पनी ने वैश्विक स्तर पर अपने 45 ऑफिस को भी बंद कर दिया.

गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है. बीते दो महीने से कैब सर्विस बंद होने की वजह से कम्पनियों को बहुत नुकसान हो रहा है. हालांकि अब 18 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन 4.0 में कई छूट दी गई है. इस लॉकडाउन 4.0 में मिली छूट के बाद 19 मई से ओला ने 160 से अधिक शहरों में अपनी सेवाएं दोबारा चालू कर दीं.

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