‘5 अगस्त को मंदिर शिलान्यास का मुहूर्त नहीं, ये सिर्फ खिलवाड़’

Ram Mandir Bhumi Pujan,Digvijay Singh raised question on Ram Mandir Bhumi Pujan

अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। अयोध्या को हर तरह से सजाया जा रहा है। यूपी सरकार इस कार्यक्रम को खास बनाने में जुट गई है। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पिछले कुछ दिनों में कई बार अयोध्या का दौरा कर चुके हैं और स्थिति का जायजा ले चुके हैं। आगामी 5 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। हालांकि, राम मंदिर शिलान्यास के लिए तय की गई तिथि को लेकर काफी पहले से ही सवाल उठ रहे हैं।

पिछले दिनों शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती ने 5 अगस्त की तिथि को अशुभ घड़ी करार दिया है। जिसके बाद शंकराचार्य के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी भूमिपूजन के लिए सुनिश्चित किए गए मुहूर्त पर सवाल उठाए थे। इसी बीत दिग्गज कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी राम मंदिर शिलान्यास के मुहूर्त पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा है कि 5 अगस्त को शिलान्यास का कोई मुहूर्त नहीं है ये सीधे-सीधे धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं से खिलवाड़ है।

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देश में 90 प्रतिशत हिंदू…

दिग्विजय सिंह ने शनिवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा कि ‘हमारी आस्था के केंद्र भगवान राम ही हैं! और आज समूचा देश भी राम भरोसे ही चल रहा है। इसलिए हम सबकी आकांक्षा है कि जल्द से जल्द एक भव्य मंदिर अयोध्या राम जन्म भूमि पर बने और राम लला वहां विराजें। राजीव गांधी जी भी यही चाहते थे।’ उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, ‘रही बात मुहूर्त की, तो इस देश में 90 प्रतिशत हिंदू ऐसे होंगे जो मुहूर्त, ग्रह दशा, ज्योतिष, चौघड़िया आदि धार्मिक विज्ञान को मानते हैं। मैं तटस्थ हूं इस बात पर कि 5 अगस्त को शिलान्यास का कोई मुहूर्त नहीं है ये सीधे-सीधे धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं से खिलवाड़ है।’

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‘राम मंदिर शिलान्यास पहले ही कर लिया गया है’

इससे पहले राम मंदिर शिलान्यास के मुहूर्त को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि राम मंदिर का शिलान्यास पहले की कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘राम मंदिर का जो सरकारी ट्रस्ट बना है, उसमें संघ और बीजेपी के लोग हैं। उनके सचिव चंपत राय की ओर से बताया गया है कि मंदिर का शिलान्यास पहले ही कर लिया गया है, यह तो सिर्फ कार्यक्रम हो रहा है। इसमें प्रधानमंत्री आ रहे हैं।’ शंकराचार्य के शिष्य ने कहा कि अगर उन्होंने पहले ही शिलान्यास कर लिया है तो फिर इस नाटक की क्या जरुरत है? अगर गुपचुप तरीके से किसी विशेष शुभ मुहूर्त में शिलान्यास कर लिया गया है तो ये और आपत्तिजनक बात है कि पीएम को धोखे में रखा जा रहा है।

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