‘युद्ध की तैयारी करें चीनी सेना’, शी जिनपिंग के अपने सैनिकों को दिए इस संदेश के क्या हैं मायने?

XINPING MESSAGE TO SOLDIERS

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है। एक तरफ तो चीन बार-बार बातचीत के जरिए मसले को हल करने का ठोंग रच रहा हैं और दूसरी तरफ सेना को युद्ध के लिए तैयारी करने के भी आदेश दे रहा है। जी हां, भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सैनिकों को जंग के लिए तैयार रहने को कहा। एक मिलिट्री बेस पर दौरे के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि सैनिकों को युद्ध के लिए दिलो-दिमाग से तैयारी कर लेनी चाहिए।

अपनी सेना से वफादार रहने को कहा

एक मीडिया रिपोर्ट में समाचार एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से बताया गया हैं कि चीनी राष्ट्रपति ने मंगलवार को गुआंगडोंग प्रांत के मिलिट्री बेस का दौरा किया। इस दौरान शी जिनपिंग के अपने सैनिकों से कहा कि वो पूरा दिमाग और ऊर्जा युद्ध की तैयारी करने में लगाएं और हमेशा हाई अलर्ट की स्थिति में रहें। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति ने अपने सैनिकों से वफादार, शुद्ध और पूरी तरह भरोसेमंद रहने की भी अपील की।

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सिर्फ भारत ही नहीं इन देशों से भी चीन के संबंध खराब

हालांकि अब तक ये साफ नहीं हो पाया हैं कि चीनी राष्ट्रपति ने ये टिप्पणी किसके लिए की। सिर्फ भारत ही नहीं चीन के अमेरिका और ताइवान जैसे देशों के साथ भी संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोमवार को ही अमेरिका ने ये घोषणा की कि वो ताइवान को तीन एडवांस वीपन सिस्टम मुहैया कराएगा, जिस पर चीन काफी भड़क गया था। चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका को ताइवान को किसी भी तरह का हथियार बेचने का सौदा तुरंत रद्द करना चाहिए।

सोमवार को हुई बैठक में भी नहीं निकला नतीजा

वहीं भारत के साथ भी चीन का तनाव मई के महीने से लगातार बना हुआ है। हालांकि दोनों देश बातचीत के जरिए पूरे मसले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को भी भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। इस दौरान भी मसले को लेकर कोई भी ठोस नतीजा नहीं निकाला। बैठक में केवल दोनों देशों ने बातचीत को और आगे बढ़ाने की बात कही, जिससे LAC पर जल्द से जल्द डिसइंगेजमेंट हो सके।

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बातचीत के बाद दोनों देशों के सैनिक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वो अपने शीर्ष नेताओं की सहमति के आधार पर काम करते हुए उचित नतीजे पर पहुंचेंगे और असहमतियों को विवादों में नहीं बदलने देंगे। 11 से ज्यादा घंटों तक चली इस बैठक में चीन ने भारत से पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से की चोटियों को पहले खाली करने को कहा। तो वहीं भारत ने भी पूरे पूर्वी लद्दाख में एक साथ डि-एस्‍कलेशन की बात कही।

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