ड्रैगन से दोस्ती निभाना नेपाली प्रधानमंत्री को पड़ रहा भारी, चीन ऐसे उठा रहा नेपाल का खूब फायदा!

china nepal news

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली और उनकी सरकार इस बार बुरी तरह से फंस गई है, क्योंकि इस बार उनकी सरकार लोगों के भारी विरोध का सामना कर रही है। चीन के मामलों पर ओली की चुप्पी तो जैसे उन्हें ही सांप की तरह डसने को आगे बढ़ रही है। उनका इस संबंध में मौन रहना नेपाली जनता को अब बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा है, बल्कि लोग पीएम की चुप्पी से और चीन की हरकतों से तंग आने लगे हैं।

नेपाल की सीमा क्षेत्र में चीन के लगातार अतिक्रमण किए जाने के खिलाफ अपनी चुप्पी तोड़ने को लेकर ओली पर दबाव दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। इस तरह की खबर हैं कि चीन ने हुमला जिले में नेपाली इलाके में अतिक्रमण किया है। चीन ने यहां बाउंड्री पिलर नंबर 12 बना लिया है, लेकिन हैरानी तो इस बात की है कि चीन ने इस बारे में नेपाल को कोई सूचना नहीं दी तो वहीं बाउंड्री पिलर का निर्माण द्विपक्षीय समझौते के बिना नहीं कराया जा सकता है।

यह भी पढ़े: चीन के इशारों पर नेपाल की नई चाल! अब भारत के इन शहरों को भी बताया अपना

नेपाल के सांसद जीवन बहादुर शाही की अगुवाई में नेपाली कांग्रेस की एक टीम के साथ ही नेपाल के विपक्षी पार्टी ने नेपाल की उत्तरी सीमा का हाल ही में दौरा किया और वहां 11 दिन बिताएं। इस दौरान उन्होंने जो पाया उसके मुताबिक नेपाली इलाके के भीतर पिलर नंबर 12 क्षतिग्रस्त था, तो वहीं चीन ने इसे फिर से बिना किसी को सूचना दिए बनाया।

तो वहीं सांसद जीवन बहादुर शाही का दावा है कि इस पिलर के निर्माण अलावा नेपाली इलाके में डेढ़ किलोमीटर अंदर चीन घुस गया है और जब सीमा पार निरीक्षण के वक्त उनकी टीम पिलर नंबर 11 पर गई तो उन्हें निशाना बनाते हुए चीनी सैनिकों ने आंसू गैस के गोले दागे.

यह भी पढ़े: जानिए क्या है भारत से पंगे लेने वाले नेपाल की सैन्य शक्ती ? 

और तो और चीन द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर ओली की अपनी पार्टी के साथ ही सरकार के लोग नेपाल के हुमला जिले में खुलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नेपाली इलाके में चीन ने अतिक्रमण किया है। सरकार से अपील भी की है कि सच्चाई की जानकारी हासिल करने के लिए एक टीम बनायी जाए जो स्थलीय निरीक्षण करे।

हालांकि नेपाल में ओली सरकार की तरफ से इस बात का हमेशा इनकार किया जाता रहा है कि नेपाली इलाके में चीन ने अतिक्रमण किया है। सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ नेता है भीम रावल जिन्होंने नेपाल-चीन सीमा मुद्दे से संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक करने की सोमवार को सरकार से अपील की।

यह भी पढ़े: नेपाल में 1.5 किलोमीटर अंदर तक घुसा चीन, फिर भी पीएम ओली क्यों ओढ़े हुए हैं चुप्पी की चादर? हुआ बड़ा खुलासा