अगले 5 सालों में सभी कारों, बसों और ट्रकों का नंबर-1 विनिर्माण केंद्र होगा भारत- केंद्रीय मंत्री

Vehicle Junk Policy, Central Minister Nitin Gadkari

पूरी दुनिया कोरोना संकट से जूझ रही है। भारत में कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन का चौथा चरण लागू किया गया है। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान भी किया है। इस भायनक संकट में लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां और राजनेता देश की जनता के हित में लगातार काम कर रहे हैं। इसी बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। गड़करी ने कहा कि सरकार पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने की नीति को लाने के लिए तैयार है और सरकार के इस कदम से भारत अगले 5 साल में वाहनों के विनिर्माण में दुनिया भर में अग्रणी बन सकता है।

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वाहन कबाड़ नीति लाने जा रही सरकार

बीते दिन गुरुवार को उच्च शिक्षा के भविष्य पर एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम वाहन कबाड़ नीति लाने जा रहे हैं, जिसके तहत पुरानी कारों, ट्रकों और बसों को कबाड़ में तब्दील किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश के बंदरगाहों की गहराई को 18 मीटर बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही वाहनों को कबाड़ बनाने वाले पुनर्चक्रण संयंत्र बंदरगाहों के पास लगाए जा सकते हैं।

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…इलेक्ट्रिक के साथ-साथ हाइड्रोजन ईंधन भी सेल होंगे

नितिन गडकरी ने कहा कि इससे प्राप्त सामग्री ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उपयोगी होगी क्योंकि यह कारों, बसों और ट्रकों की विनिर्माण की लागत को कम करेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की प्रतिस्पर्धा बढेगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘5 साल के भीतर, भारत सभी कारों, बसों और ट्रकों का नंबर एक विनिर्माण केंद्र होगा। जिसमें सभी ईंधन, इथेनॉल, मिथेनॉल, बायो-सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक से साथ-साथ हाइड्रोजन ईंधन सेल भी होंगे।‘

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बता दें, सरकार के इस कदम से दुनिया में भारत का कद और ऊंचा उठेगा। कंपनियां भारत की ओर आकर्षित होंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, विनिर्माण की लागत कम होगी। कंपनिया कम लागत में बेहतर चीजों का उत्पादन कर सकेगी। जिसका अच्छा असर भारत की अर्थव्यव्सथा में भी देखने को मिलेगा।