दिल्ली में जीत के बाद AK ने पत्नी सुनीता को कहा ‘आई लव यू’, शादी के लिए प्रपोज़ करने में बेलने पड़े थे पापड़

सीएम अरविंद केजरीवाल ने लगातार जीत की हैट्रिक लगाई है. फ़िलहाल उनके बारे में ऐसी कई सारे बाते हैं जिससे बहुत कम लोग वाकिफ है.

arvind kejriwal and sunita

दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार फिर आम आदमी पार्टी का जलवा बरक़रार रहा. सीएम अरविंद केजरीवाल ने लगातार जीत की हैट्रिक लगाई है. शीला दीक्षित के बाद केजरीवाल तीसरी बार सीएम का पद संभालेंगे. वैसे तो केजरीवाल की सादगी और पारदर्शिता वाली छवि ही उनके व्यक्तित्व को सबसे अलग बनाती है. लेकिन उनकी सत्ता में बने रहने का श्रेय राजधानी पर की गई उनकी लगन, मेहनत, और विकास करने की मजबूत इच्छाशक्ति को भी जाता है. फ़िलहाल उनके बारे में ऐसी कई सारे बाते हैं जिससे बहुत कम लोग वाकिफ है. शायद बहुत कम ही लोग इस बात को जानते हैं कि भले ही केजरीवाल की कर्मभूमि दिल्ली हो लेकिन उनका जन्म हरियाणा में हुआ था. 16 अगस्त 1968 को हिसार जिले के सिवानी मंडी में जन्मे केजरीवाल जन्माष्टमी के दिन पैदा हुए थे. इसी वजह से उन्हें घर में कृष्ण कहकर बुलाया जाता था.

भाई बहनों में सबसे बड़े हैं अरविंद

अरविंद के तीन भाई बहन हैं जिसमें वो सबसे बड़े हैं. उनके दादा मंगलचंद 1947 से पहले सिवानी मंडी से 4 किलोमीटर दूर खेड़ा गांव में आकर बसे थे. उनके पांच बेटे थे गोविंदराम, गिरधारी लाल, श्यामलाल, राधेश्याम और मुरारीलाल. जिसमें से केजरीवाल के पिता का नाम गोविंदराम था. उनके पिता जिंदल उद्योग में नौकरी करते थे. उन्होंने हरियाणा से बाहर भी कई जगह काम किया. गोविंदराम की शादी फिर गीता देवी से हो गई जो केजरीवाल के माता पिता हैं.

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दादा का भी है सियासी कनेक्शन

आपने काफी लोगों से कहते सुना होगा कि केजरीवाल का कोई राजनैतिक इतिहास नहीं है, जबकि ऐसा बिलकुल भी सच नहीं है. केजरीवाल के दादा मंगलचंद अपने जमाने के धाकड़ नेता के रूप में जाने जाते थे. उस जमाने में हरियाणा में बंसीलाल का दबदबा था. साल 1977 में लोकसभा चुनाव में भिवानी संसदीय क्षेत्र से बंसीलाल हार गए .कहा जाता है बंसीलाल की हार में सबसे बड़ा योगदान मंगलचंद का ही था. केजरीवाल के चाचा गिरधारीलाल बताते हैं कि दादा मंगलचंद ने बंसीलाल के खिलाफ मोर्चा संभाला था और चंद्रावती के लिए चुनावी प्रचार प्रसार में लग गए. उन्होंने चंद्रावती के लिए घर घर जाकर वोट मांगे थे.

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शादी के लिए प्रपोज़ करने में लग गए थे महीने

भले ही केजरीवाल ने जीत के बाद जनसमूह को संबोधित करते समय अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को बड़े कांफिडेंस से ‘आई लव यू’ बोल दिया हो. लेकिन मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक अरविंद को सुनीता को शादी के लिए प्रपोज़ करने में महीनों लग गए थे.