एक ऐसा मंदिर जहां श्रीराम को 4 बार दिया जाता है गार्ड ऑफ़ ऑनर, ऐसी है मान्यता

अयोध्या को रामनगरी भले ही कहा जाता है, लेकिन अयोध्या के अलावा देश में एक और ऐसा स्थान हैं जहां श्रीराम की पूजा राजा के रूप में होती हैं.

ramji mandir

अयोध्या को रामनगरी भले ही कहा जाता है, लेकिन अयोध्या के अलावा देश में एक और ऐसा स्थान हैं जहां श्रीराम की पूजा राजा के रूप में होती हैं. हैरानी वाली बात तो है कि यहां श्रीराम दिनभर में 4 बार गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है. इनके लिए पुलिसकर्मी भी तैनात किये जाते हैं.  यहां ये भी मान्यता है कि प्रभु श्रीराम आज भी यहां आकर दर्शन देते हैं. आइये जानते हैं कि चमत्कारी मंदिर का क्या है इतिहास.

करीब 400 साल पुराना है ये मंदिर

ये मंदिर श्रीराम राजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है और करीब 400 साल पुराना है. इस मंदिर के बारें में मान्यता है कि बुंदेलखंड की राजधानी ओरछा के राजा मधुकर शाह की पत्‍नी महारानी कुंवर गणेश ने भगवान राम की परम भक्‍त थीं. यहां भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए रानी ने अयोध्या में कड़ी तपस्या की तो भगवान राम ने उन्हें बाल रूप में साक्षात दर्शन दिए थे. जब रानी ने भगवान राम को अयोध्‍या से ओरछा चलने का निवेदन किया तो भगवान राम उनकी बात मान गए.

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प्रसिद्ध हैं ये कहानियां

इस मंदिर के बारे में बहुत सी कहानियां प्रसिद्ध हैं. इस मंदिर के बारें में ये मान्यता है कि ये श्रीराम का फेवरेट मंदिर है. माना जाता है कि वो रात में अयोध्या रुकते हैं, और सुबह होते ही बाल रूप में आकर यहां विराजमान हो जाते हैं. मान्‍यता है कि बुंदेलखंड की राजधानी ओरछा के राजा मधुकर शाह की पत्‍नी महारानी कुंवर गणेश ने भगवान राम की परम भक्‍त थी. उन्‍हें प्रसन्‍न करने के लिए रानी ने अयोध्‍या में कड़ी तपस्‍या की तो भगवान राम ने उन्‍हें बाल रूप में साक्षात दर्शन दिए.

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सिर्फ भगवान राम ही हैं वीआईपी

जब प्रभु राम ओरछा चलने को राजी हो गए लेकिन रानी ने उनके समक्ष दो शर्तें रख दी. पहली शर्त थी कि हम जहां विराजमान होंगे, वहां से हमें कोई हिला नहीं पाएगा और दूसरी शर्त ओरछा के राजा हम ही होंगे. रानी उनकी सारी शर्तें मानकर उन्‍हें अपने महल में ले आईं. चूंकि मूर्ति को कोई हिला नहीं सकता था, इसलिए रानी के महल को ही मंदिर में तब्‍दील कर दिया गया और फिर यहां के राजा हो गए भगवान राम. यहां राजा राम को छोड़कर बाकी सब प्रजा हैं. लोग आते हैं और दरबार में अपनी हाजिरी लगाते हैं.